संवाददाता : गोड्डा, झारखंड 


गोड्डा जिले के बोआरीजोर प्रखंड के ललमटिया डकैता चौक पर स्थित सिद्धू और कान्हू की प्रतिमा पर उनकी जयंती के अवसर पर कोई सजावट या माल्यार्पण नहीं किया गया।


इस मामले पर स्वर्गीय सूर्य नारायण हांसदा की धर्मपत्नी सुशीला मुर्मू ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सिद्ध-कान्हू संघर्ष, स्वाभिमान और बलिदान के प्रतीक हैं। ऐसे जननायकों की जयंती पर उपेक्षा उनकी गरिमा का अपमान है और यह सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना पर सवाल उठाता है।


श्रीमती मुर्मू ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की आलोचना करते हुए कहा कि जिम्मेदारी के समय उनका मौन और निष्क्रिय रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जोर दिया कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के महापुरुषों के सम्मान और विरासत को बनाए रखना भी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उनकी यह उदासीनता जनता के विश्वास के साथ अन्याय है।


अंत में, श्रीमती मुर्मू ने आम जनता से अपने नायकों के सम्मान के प्रति जागरूक रहने और उनकी विरासत को सहेजने में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।

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