संवाददाता : झारखंड,इंडिया
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने सीआईआई की सालाना समिट में कहा है कि दुनिया एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। इस दौर में किसी देश की असली ताकत उसकी ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन्फ्रास्ट्रक्चर से तय होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को अपने "इंटेलिजेंस फ्यूचर" का निर्माता और मालिक बनना होगा।
गौतम अदाणी ने कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के वार्षिक बिज़नेस समिट 2026 को संबोधित करते हुए बताया कि पिछले तीन दशकों में जिस वैश्वीकरण ने दुनिया को दिशा दी, वह अब तेजी से बदल रहा है। उन्होंने सस्ते डेटा और यूपीआई को भारत के विकास मॉडल का उदाहरण बताया।
अदाणी ने कहा, "आज की दुनिया सपाट नहीं, बल्कि बंटी हुई और प्रतिस्पर्धा से भरी हुई है। सेमीकंडक्टर अब सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि स्टेटक्राफ्ट के हथियार बन गए हैं। डेटा को राष्ट्रीय संसाधन माना जा रहा है और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर रणनीतिक शक्ति का हिस्सा बन चुका है।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा अब राष्ट्रीय शक्ति के दो स्तंभ हैं। अदाणी के अनुसार, जो देश अपनी ऊर्जा जरूरतों को नियंत्रित करेगा, वही अपने औद्योगिक भविष्य को शक्ति देगा, और जो देश अपनी कंप्यूट क्षमता को नियंत्रित करेगा, वही अपने इंटेलिजेंस भविष्य को तय करेगा।
गौतम अदाणी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को केवल सॉफ्टवेयर के रूप में देखने के बजाय इसे एक संपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर के रूप में समझने पर जोर दिया। इसमें ऊर्जा, डेटा सेंटर, कंप्यूट, नेटवर्क, चिप्स, टैलेंट और एप्लिकेशन शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि AI से नौकरियां छिनने के बजाय उत्पादकता बढ़ेगी।
अदाणी ने चेतावनी दी कि "अगर हमारा डेटा विदेशों में प्रोसेस हो रहा है, तो हमारा भविष्य ऐसी भाषा में लिखा जा रहा है, जिस पर हमारा नियंत्रण नहीं है।"
भारत की क्षमता पर बात करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि देश के पास एक अनूठा अवसर है। उन्होंने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग, मोबिलिटी, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सेवाओं में यहां पहले से ही बड़ी मांग मौजूद है।
अदाणी ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत 500 गीगावॉट से अधिक स्थापित बिजली क्षमता को पार कर चुका है। आने वाले वर्षों में, एआई-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए बड़े पैमाने पर एनर्जी और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता होगी।
उन्होंने एआई और रोजगार को लेकर फैली आशंकाओं को खारिज किया। अदाणी ने कहा कि एआई को नौकरियां खत्म करने वाला नहीं, बल्कि अवसर पैदा करने वाला उपकरण बनाया जाना चाहिए। उन्होंने एआई से भयभीत होने के बजाय उसकी क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
गौतम अदाणी ने कहा, "भारत को ऐसा एआई बनाना होगा जो उत्पादकता बढ़ाए, नए उद्योग खड़े करे, छोटे उद्यमियों को सशक्त बनाए और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करे।"
अदाणी समूह के निवेश का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि समूह ने एनर्जी और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इसमें गुजरात के खावड़ा में 30 गीगावॉट का दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल लोकेशन रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट शामिल है। साथ ही, भारत में सॉवरेन कंप्यूट इकोसिस्टम विकसित करने के लिए गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के साथ साझेदारियां भी की गई हैं।
अपने अनुभवों को साझा करते हुए गौतम अदाणी ने बताया कि उन्होंने जीवन में कई ऐसी चुनौतियों का सामना किया है, जहां कभी संभावनाएं नहीं दिखती थीं। उन्होंने कहा, "भविष्य अपने आप नहीं आता, उसे बनाया जाता है।"
इंटेलिजेंस के युग में आजादी के मायने समझाते हुए उन्होंने कहा कि एनर्जी और कंप्यूट के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना और खुद के लिए सपने देखना ही आज के युग में वास्तविक आजादी है।
अपने संबोधन के आखिर में अदाणी ने कहा कि अगला स्वतंत्रता संग्राम ग्रिड्स, डेटा सेंटर्स, फैक्ट्रियों, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और हमारे दिमागों में लड़ा जाएगा।

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