संवाददाता : गोड्डा, झारखंड 


गोड्डा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी एक बार फिर सामने आई है। सदर अस्पताल ले जाते समय एक गर्भवती महिला ने ई-रिक्शा में ही बच्चे को जन्म दिया। यह घटना भतडीहा पंचायत के नोनमाटी गांव के पास हुई, जहां महिला को एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाई।




जानकारी के अनुसार, बेलारी निवासी गर्भवती महिला रुक्मिणी देवी (पति कौशल हरिजन) को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस और ममता वाहन सेवा को सूचित किया। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि कई बार संपर्क करने और घंटों इंतजार के बाद भी कोई एंबुलेंस गांव नहीं पहुंची।




महिला की बिगड़ती हालत देखकर परिजन उसे ई-रिक्शा से सदर अस्पताल ले जाने के लिए मजबूर हुए। नोनमाटी गांव के पास पहुंचने पर प्रसूता ने रिक्शे में ही एक लड़के को जन्म दिया।


इस घटना के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उनके अनुसार, सरकार बड़ी-बड़ी योजनाओं का प्रचार करती है, लेकिन जरूरतमंदों को समय पर सुविधाएं नहीं मिल पातीं। प्रसूता के पति कौशल हरिजन ने कहा, 'हमने कई बार फोन किया, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। गरीब आदमी कहां जाए? मजबूर होकर हमें ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ा।'


अस्पताल पहुंचने पर स्वास्थ्यकर्मियों ने मां और नवजात को लेबर वार्ड में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार किया गया। दोनों की हालत सुरक्षित और स्थिर बताई जा रही है। सदर अस्पताल के डीएस टी.एस. झा ने इस मामले पर कहा कि यह डायल 108 से संबंधित है और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

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