संवाददाता : भागलपुर,बिहार


भागलपुर जिले के पीरपैंती में अदाणी पावर प्लांट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इससे वर्षों से पलायन और बेरोज़गारी से जूझ रहे इस क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद जगी है।


इस परियोजना से स्थानीय लोगों को बेहतर भविष्य की उम्मीद है। निर्माण कार्य के दौरान करीब 10,000 से अधिक लोगों को रोज़गार मिलने की संभावना है, जिसमें कुशल और अकुशल दोनों तरह के श्रमिक शामिल होंगे। इससे आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी और युवाओं का पलायन रुकेगा।


यह प्लांट लगभग 1200 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाएगा। इसकी कुल क्षमता 2400 मेगावाट (3x800 मेगावाट) होगी और निर्माण कार्य 5 वर्षों में पूरा होने का अनुमान है।


पिछले साल सितंबर में शिलान्यास के अवसर पर ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने इस पावर प्लांट को बिहार के ऊर्जा भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया था। उन्होंने कहा था कि पहले चरण में 2028 तक बिजली उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है।




अदाणी समूह ने निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही पीरपैंती क्षेत्र में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत कई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। इनमें कड़ाके की ठंड में 10,000 से अधिक कंबलों का वितरण शामिल है।


पहाड़िया जनजाति के गांवों में सोलर हाई मास्ट लाइट और सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं, जिससे इन गांवों में बिजली पहुंची है।




शिक्षा के क्षेत्र में स्कूली बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी और स्टेशनरी उपलब्ध कराई गई है। साथ ही, कई स्कूलों में पीने के पानी के लिए वाटर कूलर भी लगाए गए हैं।


ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए गांव-गांव में हेल्थ कैंप लगाने की योजना है। किसानों और पशुपालकों के लिए मवेशियों हेतु पशु चिकित्सा कैंप भी प्रस्तावित हैं।


पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कंपनी ने प्रति वर्ष एक लाख वृक्षारोपण करने की कार्ययोजना बनाई है, जिससे हरियाली और संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा।


कुल मिलाकर, पीरपैंती में बन रहा यह पावर प्लांट सिर्फ़ बिजली उत्पादन की परियोजना नहीं, बल्कि रोज़गार, सामाजिक विकास और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनकर उभर रहा है। स्थानीय लोगों की नजर में यह सचमुच उम्मीदों का पावर प्लांट है—जो अंधेरे से उजाले की ओर ले जाने का भरोसा देता है।



Post a Comment

Previous Post Next Post